मूंगफली और रेवड़ी सा स्वाद है तुझमे
इसलिए चाहता हूँ कुछ बात है तुझमे
मकर सक्रांति आई तो याद आया कुछ
गज्जक जैसे मिठास सी करामात है तुझमे
रोते हुवे बच्चों को झट गोद में ले लेते हो
क्या खूब गजब के ख्यालात है तुझमे
दुनिया जबकि मसखरों की मेरी जान
किसलिए इतने गहरे ज़ज्बात है तुझमे
मरने के बाद भी दोगे तो चलेगा बेचैन
आंसुओ भरी एक उधारी रात है तुझमे
इसलिए चाहता हूँ कुछ बात है तुझमे
मकर सक्रांति आई तो याद आया कुछ
गज्जक जैसे मिठास सी करामात है तुझमे
रोते हुवे बच्चों को झट गोद में ले लेते हो
क्या खूब गजब के ख्यालात है तुझमे
दुनिया जबकि मसखरों की मेरी जान
किसलिए इतने गहरे ज़ज्बात है तुझमे
मरने के बाद भी दोगे तो चलेगा बेचैन
आंसुओ भरी एक उधारी रात है तुझमे










































