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Tuesday, 3 October 2017
Monday, 18 September 2017
Sunday, 3 September 2017
Thursday, 8 June 2017
Saturday, 3 June 2017
Wednesday, 17 May 2017
Tuesday, 16 May 2017
Thursday, 11 May 2017
Tuesday, 9 May 2017
Monday, 8 May 2017
Thursday, 4 May 2017
Wednesday, 19 April 2017
Tuesday, 11 April 2017
Sunday, 5 March 2017
आंगली धनुष के नीचे मेरी जद जद आई सै
आंगली धनुष के नीचे मेरी जद जद आई सै
अक्सर मर्द बणके हिम्मत मेरी मुस्कुराई सै
मैंने कई समुन्द्र पार कर दिए जोहड़ समझके
परिस्थितियां की काई मैंने जकड़ नही पाई सै
मेरे जद तै समझ आई सै जिंदगी अर दुनिया
उम्मीद मैंने दुसऱ्या तै फेर कम ए लगाई सै
उम्र और तज़ुर्बा नै जो दिया खुश होके लिया सै
कदे ओरां की उपलब्धि पै नज़र नही गढ़ाई सै
देख लिए इसलिए होऊंगा मैं कामयाब बेचैन
क्योंकि कामयाब होण की मैंने कसम खाई सै
अक्सर मर्द बणके हिम्मत मेरी मुस्कुराई सै
मैंने कई समुन्द्र पार कर दिए जोहड़ समझके
परिस्थितियां की काई मैंने जकड़ नही पाई सै
मेरे जद तै समझ आई सै जिंदगी अर दुनिया
उम्मीद मैंने दुसऱ्या तै फेर कम ए लगाई सै
उम्र और तज़ुर्बा नै जो दिया खुश होके लिया सै
कदे ओरां की उपलब्धि पै नज़र नही गढ़ाई सै
देख लिए इसलिए होऊंगा मैं कामयाब बेचैन
क्योंकि कामयाब होण की मैंने कसम खाई सै
Saturday, 4 March 2017
Monday, 20 February 2017
जिम्मेवारियों से जी चुराऊँ इतनी फुर्सत कहाँ है मुझे
जिम्मेवारियों से जी चुराऊँ इतनी फुर्सत कहाँ है मुझे
किसी को भी ठेस पहुंचाऊं इतनी फुर्सत कहाँ है मुझे
मन कस्तूरी गन्ध के पीछे कई जन्मों से भाग रहा हूँ
मैं मन्ज़िल से दगा कमाऊं इतनी फुर्सत कहाँ है मुझे
जिंदगी दोबारा न मिलेगी यह समझने के बावजूद भी
अपना हीरे सा जन्म गंवाऊं इतनी फुर्सत कहाँ है मुझे
अपने सुख की दुआओं में औरों का भी सुख मांगता हूँ
दुःख किसी का कभी बढाऊँ इतनी फुर्सत कहाँ है मुझे
कोई भी गलत मायने ना निकाले बेचैन मेरी बेचैनी के
मैं खुलकर सबको समझाऊँ इतनी फुर्सत कहाँ है मुझे
किसी को भी ठेस पहुंचाऊं इतनी फुर्सत कहाँ है मुझे
मन कस्तूरी गन्ध के पीछे कई जन्मों से भाग रहा हूँ
मैं मन्ज़िल से दगा कमाऊं इतनी फुर्सत कहाँ है मुझे
जिंदगी दोबारा न मिलेगी यह समझने के बावजूद भी
अपना हीरे सा जन्म गंवाऊं इतनी फुर्सत कहाँ है मुझे
अपने सुख की दुआओं में औरों का भी सुख मांगता हूँ
दुःख किसी का कभी बढाऊँ इतनी फुर्सत कहाँ है मुझे
कोई भी गलत मायने ना निकाले बेचैन मेरी बेचैनी के
मैं खुलकर सबको समझाऊँ इतनी फुर्सत कहाँ है मुझे
Sunday, 12 February 2017
Sunday, 5 February 2017
Friday, 3 February 2017
Monday, 30 January 2017
Thursday, 26 January 2017
Tuesday, 24 January 2017
Monday, 23 January 2017
Friday, 20 January 2017
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